बेंजामिन नेतन्याहू, एक एमआईटी ग्रेजुएट और सैनिक जो बने इजरायल के प्रधानमंत्री
1973 में बेंजामिन दूबारा इजरायल लौटे और योम किपूर वार में हिस्सा लिया ।उनकी बहादुरी को देखकर सेना में उन्हें कैप्टन रैंक मिली।
1973 में बेंजामिन दूबारा इजरायल लौटे और योम किपूर वार में हिस्सा लिया ।उनकी बहादुरी को देखकर सेना में उन्हें कैप्टन रैंक मिली।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू आज कल मीडिया और भारतीयों के बीच छाए हुए है । नेतन्याहू का प्रधानमंत्री मोदी को हिंदी में “आपका स्वागत है मेरे दोस्त” कह कर संबोधित करना देश वासियों को बहुत भा रहा है ।
बहुत कम लोग जानते है की नेतन्याहू ने प्रतिष्ठित संस्थान एमआईटी और हार्वर्ड विश्वविद्यालय से अपनी शिक्षा पूरी की है ।नेतन्याहू का जन्म इज़राइल के शहर तेल अवीव में 1949 में हुआ था। 1963 में बेंजामिन का परिवार अमेरिका चला गया। नेतन्याहू इज़राइल राज्य की स्थापना (1948 में आधुनिक इसरायल राष्ट्र की स्थापना हुई थी ) के बाद पैदा हुए पहले इज़राइली प्रधानमंत्री हैं ।
18 साल की उम्र में वो इजरायल लौट आये और 1967 में इजरायल डिफेंस फोर्सेस ज्वाइन की । इजरायली प्रधानमंत्री ने यहाँ एक से बढ़ कर एक मिशन पे काम किया और सफलता प्राप्त की। बेंजामिन 1968 में ऑपरेशन इनफरनो,ऑपरेशन गिफ्ट और 1972 मैं
ऑपरेशन इसोटोप जैसे प्रसिद्ध ऑपरेशन में शामिल हुए । ऑपरेशन इसोटोप में बेंजामिन के कंधे पे गोली भी लगी लेकिन उन्होंने मिशन को पूरा किया और 90 पैसेंजर को हाईजैक विमान से बचाया ।बेंजामिन अपनी अनिवार्य मिलिट्री ट्रेनिंग खत्म कर 1972 में अमेरिका लौट गए और एमआईटी से आर्किटेक्चर में ग्रेजुएशन किया । 1973 में बेंजामिन दूबारा इजरायल लौटे और योम किपूर वार में हिस्सा लिया ।उनकी बहादुरी को देखकर सेना में उन्हें कैप्टन रैंक मिली।




1976 में बेंजामिन के भाई और लेफ्टिनेंट कर्नल योनातन नेतन्याहू की ऑपरेशन एटेंबे में लड़ते हुए जान चली गयी थी। 1978 में बेंजामिन ने अपने भाई योनातन नेतन्याहू की याद में एंटी टेरर इंस्टीट्यूट की स्थापना की। जिस तरह से इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री मोदी के आतंकवाद के खिलाफ एकजूट होने की अपील में हाँ में हाँ मिलाई उससे साफ़ लगता है वह आतंकवाद को कितना नापसंद करते है ।
1996 में बेंजामिन नेतन्याहू इजरायल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बने थे। 2015 में बेंजामिन ने चौथी बार इज़राइल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली ।



