You are here

नोट बदलने का एक मौका और मिल सकता है

1.4 per cent of the old Rs 1,000 notes+ have come back into the banking system post demonetisation. आज की रिपोर्ट समाचार 
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ से पूछा कि अगर कोई 500-1000 के पुराने नोट जमा नहीं करा पाया हो तो क्या उसे एक और मौका दिया जा सकता है ? इस बात का जवाब देने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने दो हफ्ते का वक्त दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने यह बात बेहद तल्ख लहजे में कही। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘आप लोगों की मेहनत की कमाई को इस तरीके से बर्बाद नहीं कर सकते। आप लोगों ने उनको एक खिड़की देने का वादा किया था, जिन लोगों को सच में परेशानी है आप उनसे ऐसे बचकर नहीं निकल सकते।’
इससे पहले केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि नोटबंदी का फैसला लोगों को सचेत करने के लिए है और पुराने नोट जमा करने की तारीख को तीस दिसंबर के आगे नहीं बढ़नी चाहिए।
इस साल अप्रैल महीने में कोर्ट ने कहा था कि वह मामले की सुनावई गर्मियों की छुट्टियों के बाद करेगा। जस्टिस जेएस खेहर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एसके कॉल की पीठ ने कहा था कि मामले की सुनवाई गर्मियों की छुट्टियों के बाद की जाएगी। केंद्र ने एक हलफनामा दायर निजी फर्मों और एनआरआई द्वारा दायर की गई याचिका का जवाब दिया था। एनआरआई और उन निजी फर्मों ने याचिका दायर कर पुराने नोट बदलवाने के लिए ज्यादा समय मांगा था।
पीठ ने कहा, ”ऐसी स्थिति हो सकती है कि किसी व्यक्ति का धन खो गया हो। मान लीजिए कि कोई व्यक्ति उस समय जेल में हो…. हम यह जानना चाहते हैं कि आपने ऐसे व्यक्तियों पर रोक लगाने का फैसला क्यों किया।” इसके बाद सॉलिसिटर जनरल ने मामला-दर-मामला आधार पर लोगों को उनका धन जमा कराने का अवसर देने के संबंध में निर्देशों के लिए समय मांगा।
केंद्र सरकार ने पिछले साल आठ नवंबर को घोषणा की थी कि नौ नवंबर से 500 एवं 1000 रुपए के नोट चलन से बाहर हो जाएंगे।
सरकार ने लोगों को यह भी भरोसा दिलाया था कि चलन से बाहर किए गए नोटों को 30 दिसंबर 2016 तक बैंकों, डाकघरों एवं आरबीआई शाखाओं में बदला जा सकता है। यदि लोग इस अवधि में इन नोटों को जमा नहीं करा पाते हैं तो वे निश्चित औपचारिकताएं पूरी कर आरबीआई शाखाओं में 31 मार्च 2017 तक ये नोट जमा करा सकते हैं।
Tagged :

Related posts

Leave a Comment