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सीआरपीएफ कैंप को बचाने वाले वो ‘दो’ जिन्हें कोई नहीं जानता

Four terrorists killed by CRPF after they attacked CRPF camp in J&K's Bandipora district एक्सक्लुसिव ख़बर देश 
दो अवारा कुत्तों की मुस्तैदी ने बांदीपोरा के सुम्बल में सीआरपीएफ कैम्प पर हमले की कोशिश को नाकाम कर दिया। चार आतंकवादी हथियारों से लैस होकर कैंप के अंदर दाखिल हुए। सुबह के चार बजने वाले थे। ज्यादातर जवान गहरी नींद में सो रहे थे। उसी वक्त कैंप के अंदर बैठे दो कुत्ते लगातार भौंकने लगे। सीआरपीएफ के अफसर ने बताया कि सुम्बल कैम्प में दो अवारा कुत्ते रहते हैं। इन दोनों को सीआरपीएफ के जवान कभी कभार खाना खिला देते ते। लेकिन उस रात आतंकवादियों को सबसे पहले इन्हीं दोनों ने देखा था। जब दोनों कुत्ते जोर-जोर से भौंकने लगे तो चौकीदारी कर रहे सुरक्षाकर्मी ने इलुमिनेटर फायर किया । ये ऐसी गोली होती है जिसे फायर करने पर रात के वक्त भी दिन जैसा उजाला हो जाता है और इसी रोशनी में जवानों ने चारों आतंकवादियों की पोजिथन देख ली। इसके बाद दोनों तरफ से गोलियां चली। पहले ही राउंड की गोलीबारी में दो आतंकवादी जख्मी हो गया, उसके बाद ढाई घंटे के अंदर चारों आतंकवादी ढेर हो गए।   सीआरपीएफ ने इन आतंकवादियों के पास मिले सामान मीडिया को दिखाए। चारों आतंकवादियों के पास से पेट्रोल बम मिला है। ये जवानों को बंधक बनाने की तैयारी से आए थे। ये इस हमले को लंबा खींचना चाहते थे, लेकिन टिक नहीं पाए।
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