एक ‘फतवे’ की खबर हिंदू और मुसलमान दोनों को क्यों हिलाती है?
संडे की सुबह की बात ही कुछ और होती है । आप निश्चिंत हो कर उठते है और आपको हर रोज की तरह कोई भी हड़बड़ी नहीं होती अपने काम पर जाने की । सुबह से 11 बज गए थे , उठने का बिल्कुल मन नहीं कर रहा था लेकिन…
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