राहुल गांधी की कंपनी का हवाला कारोबार से क्या रिश्ता है, बड़ा खुलासा जिसे ज़रूर पढ़ें
इस डील का सबसे ज्यादा फायदा सोनिया गांधी और राहुल गांधी को ही हुआ क्योंकि यंग इंडियन में 75 फीसदी हिस्सेदारी इन दोनों की है। प्रियंका गांधी को भी इस डील से फायदे की बात रिपोर्ट में कही गई है।
इस डील का सबसे ज्यादा फायदा सोनिया गांधी और राहुल गांधी को ही हुआ क्योंकि यंग इंडियन में 75 फीसदी हिस्सेदारी इन दोनों की है। प्रियंका गांधी को भी इस डील से फायदे की बात रिपोर्ट में कही गई है।
राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी तीनों के लिए मुश्किल हो सकती है। इनकम टैक्स की जांच रिपोर्ट ने नया और बड़ा खुलासा किया है । इस रिपोर्ट का दावा है कि राहुल और सोनिया की कंपनी यंग इंडियन ने नेशनल हेराल्ड को खरीदने के लिए एक हवाला कारोबार करने वाली कंपनी से एक करोड़ रुपया लिया। आयकर विभाग की जांच में पता चला है कि राहुल गांधी और सोनिया की कंपनी यंग इंडियन ने जब नेशनल हेराल्ड को खरीदा उस वक्त यंग इंडियन के खाते में 50 लाख रुपए भी नहीं थे। कोलकाता की एक कंपनी से एक करोड़ रुपए आए और इस एक करोड़ में 50 लाख रुपए में नेशनल हेराल्ड खरीदी गई।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इनकम टैक्स की जांच में पता चला कि इस पैसे को लाने के लिए हवाला चैनल का इस्तेमाल हुआ। जांच रिपोर्ट में दावा किया गया कि कोलकाता की कंपनी को कैश में मिले और इस कंपनी ने कमिशन लेने के बाद यंग इंडियन को चैक से एक करोड़ दिए। अब कोलकाता की उस कंपनी का नाम भी जान लीजिए जिससे सौदा हुआ। ये कंपनी है डोटेक्स मरकेंडाइज। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस कंपनी के डायरेक्टर हैं सुनील भंडारी और सुनील सांगानेरिया । आयकर विभाग की रिपोर्ट बताती है कि ये दोनों 50 कंपनियों में डायरेक्टर हैं और हवाला का काम करते हैं। इसी कंपनी से कांग्रेस के नेताओं ने डील की। इस डील का सबसे ज्यादा फायदा सोनिया गांधी और राहुल गांधी को ही हुआ क्योंकि यंग इंडियन में 75 फीसदी हिस्सेदारी इन दोनों की है। प्रियंका गांधी को भी इस डील से फायदे की बात रिपोर्ट में कही गई है।
दरसअल आरोप है कि 90 करोड़ के नेशनल हेराल्ड को 50 लाख रुपए में यंग इंडियन ने खरीद लिया और इसे खरीदने के लिए हवाला से पैसा आया। इसकी शुरुआत 2010 में की गई। अब इस केस की जांच आयकर विभाग कर रही है। लेकिन कांग्रेस इस जांच को रोकना चाहती थी। इसलिए दिल्ली हाईकोर्ट में अर्जी लगाई गई। लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने जांच रोकने से इंकार कर दिया। अब आयकर विभाग की ये जांच रिपोर्ट कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के लिए मुसीबत बन सकता है।



