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मोदी-नवाज़ की बातचीत की कोशिश हुई, पर फेल क्यों हो गई?

उस वक्त कुलभूषण जाधव की फांसी का मसल गर्म था और भारत किसी भी तरह कुलभूषण जाधव की वतन वापसी चाहता है।

आज की रिपोर्ट 

उस वक्त कुलभूषण जाधव की फांसी का मसल गर्म था और भारत किसी भी तरह कुलभूषण जाधव की वतन वापसी चाहता है।

नवाज़ शरीफ ने पाकिस्तान की आर्मी को बड़ी बात बताई। पाकिस्तान की मीडिया ने नवाज़ शरीफ के करीबी सूत्रो के हवाले से खबर दी कि नवाज़ ने भारत के साथ बैक चैनल डिप्लोमेसी शुरू कर दी थी । पिछले महीने भारत के उद्योगपति सज्जन जिंदल से शरीफ की मुलाकात पर्दे के पीछे की बातचीत ही थी। 27 अप्रैल को सज्जन जिंदल से मिलने से पहले शरीफ ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ को इस मुलाकात के बारे में बता दिया था। शरीप की तरफ से ये दावा किया गया की भारत सरकार के कुछ वरिष्ठ अफसर और नेता के कहने पर सज्जन जिंदल बातचीत के लिए नवाज़ शरीफ के रिजॉर्ट पर आए थे। उस वक्त कुलभूषण जाधव की फांसी का मसल गर्म था और भारत किसी भी तरह कुलभूषण जाधव की वतन वापसी चाहता है। लेकिन शरीफ और सज्जन जिंदल की मुलाकात के ठीक बाद एलओसी पर भारत के दो शहीद जवान के सिर काटे गए। इसके बाद पर्दे के पीछे की बातचीत की कोशिश को भी धक्का लगा।

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