म्यांमार बॉर्डर पर सर्जिकल स्ट्राइक, कांपने लगा टेररिस्तान
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक के एक साल बाद भारतीय सेना ने एक और बड़ा ऑपरेशन किया। इस बार ये ऑपरेशन म्यांमार बॉर्डर पर हुआ है। सेना ने कहा कि इस ऑपरेशन में उग्रवादी संगठन एनएससीएन (K) के कई उग्रवादी मारे गए और उनके कैंप तबाह हो गए। भारतीय सेना के एक भी जवान को खरोंच तक नहीं आई। ये ऑपरेशन आर्मी की ईस्टर्न कमांड के पैरा कमांडो ने अंजाम दिया। ऑपरेशन बुधवार सुबह 4 बजकर 45 मिनट पर किया गया। सेना के मुताबिक उग्रवादियों ने भारतीय जवानों पर पहले फायरिंग की थी। म्यांमार बॉर्डर पर असम-नगालैंड बॉर्डर भी मिलते हैं। लंगखू गांव के पास भारतीय जवानों पर उग्रवादियों ने हमला बोला और आर्मी ने करारा जवाब दिया। इस जगह से म्यांमार बॉर्डर करीब 12 किमी दूर है।
सेना ने बयान में कहा, “27 सितम्बर की सुबह भारत-म्यांमार सीमा पर तैनात भारतीय सेना की एक टुकड़ी पर अज्ञात उग्रवादियों ने गोलियां दागीं… हमारे जवानों ने त्वरित प्रतिक्रिया दी, और उग्रवादियों पर ज़ोरदार जवाबी गोलीबारी की… इसके बाद उग्रवादी भाग खड़े हुए…हमारे एक भी सैनिक हताहत नहीं हुए ।“
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— EasternCommand_IA (@easterncomd) September 27, 2017
इससे पहले 2015 में भी म्यांमार सीमा के पास (NSCN K) के उग्रवादियों का सफाया किया गया था। NSCN यानि नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड खापलांग ग्रुप सबसे ज्यादा खूंखार है। 1980 में इसकी स्थापना थुइंगलेंग मुइवा और इसाक चिशी स्वू ने की थी। 1988 में एसएस खापलांग ने एनएससीएन से अलग होकर NSCN (K) गुट बना लिया।
