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अब 2 लाख रुपए तक के गहने खरीदने पर नहीं देना होगा पैन कार्ड

केंद्र सरकार ने सर्राफा बाजार को दिवाली का एडवांस तोहफा दिया है।सरकार ने जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर में 2 करोड़ रुपए सालाना टर्नओवर रखने वाले ज्वैलर्स को तुरंत प्रभाव से प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट एक्ट यानी पीएमएलए के दायरे से बाहर कर दिया गया है।इस बदलाव के बाद अब 2 लाख रुपये तक की ज्वैलरी की खरीदारी पर पैन दिखाना जरूरी नहीं होगा। पहले 50 हजार रुपये से ज्यादा की खरीदारी पर PAN देना अनिवार्य था।

सरकार के इस फैसले से सर्राफा कारोबारियों को काम करने में आसानी होगी।ज्वैलरी कारोबार के पीएमएलए के दायरे में शामिल होने से कारोबारियों को ग्राहकों से  50,000 रुपए से ज्यादा की खरीद पर केवाईसी के लिए जरुरी दस्तावेज मांगने पड़ते थे और इन दस्तावेजों को अपने पास रखना पड़ता था।सरकार जब चाहती सर्राफा कारोबारियों से ग्राहकों की जानकारी मांग सकती थी।सर्राफा कारोबारियों के मुताबिक खरीदार से जब केवाईसी के लिए जानकारी मांगी जाती है, वे आनाकानी करते हैं।कई खरीदार से यह कहकर वापस चले जाते हैं।कारोबारियों  का कहना था की ज्यादातर महिलाएं अपनी रोज़ाना की बचत से गहने खरीदती हैं ऐसे में 50 हजार से अधिक की खरीदारी पर केवाईसी के लिए जरुरी दस्तावेज अनिवार्य होने से ऐसी महिलाएं हतोत्साहित होंगी जिससे उनके कारोबार पर असर होता है।

 

गौरतलब है कि  23 अगस्त को कालेधन पर रोक लगाने और सोने की कालाबाजारी रोकने के लिए ज्वैलरी कारोबार को पीएमएलए के दायरे में लाया गया था।इसके तहत 50000 रुपए या इससे अधिक के हर लेनदेन की रिसीट का केवाईसी कम्प्लाइंस जरूरी है। इस वजह से ज्वैलर्स और खरीदारों में डर बैठ गया और आभूषण कारोबार में तेजी गिरावट दर्ज की गई। सरकार के इस फैसले का सराफा कारोबारियों और जौहरियों विरोध कर रहे थे।

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