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GST 22वीं काउंसिल मीटिंग: आसान भाषा में समझिए क्या क्या हुआ सस्ता

दिल्ली के विज्ञान भवन में आज जीएसटी कौंसिल की 22वीं बैठक हुई।बैठक में 1.5 करोड़ तक के टर्नओवर वाले छोटे व्यापारियों को राहत देते हुए उन्हें हर महीने रिटर्न भरने से छूट देने का फैसला लिया गया।अब इन कारोबारियों को तीन महीने पर रिटर्न दाखिल करना होगा।इसके अलावा जीएसटी काउंसिल ने कम्‍पाउंडिंग स्‍कीम के तहत 75 लाख टर्नओवर की सीमा को बढ़ाकर 1 करोड़ किया गया। एक्सपोर्टर्स को रिफंड में होने वाली पड़ेशानी को देखते हुए जीएसटी कौंसिल ने फैसला लिया कि 6 महीने बाद हर एक निर्यातक को ई-वॉलेट मिलेगा। ई-वॉलेट सिस्टम 1 अप्रैल 2018 से पूरी तरह लागू हो जाएगा।तात्कालिक व्यवस्था के रूप में 10 अक्टूबर से जुलाई और 18 अक्टूबर से अगस्त के महीने का रिफंड जांच कर एक्सपोर्टरों को चेक दे दिए जाएंगे।

इसके अलावा 27 वस्तुओं पर टैक्स की दरों को फिर से निर्धारित किया गया है।

सामान

पुराना टैक्स रेट नया टैक्स रेट
मार्बल, ग्रेनाइड के अलावा दूसरे पत्थर 28% 18%
बच्चों के फूड पैकेट 18% 5%
अनब्रांडेड नमकीन  12% 5%
अनब्रांडेड आयुर्वेदिक 18% 5%
पेपर वेस्ट 12% 5%
डीजल इंजन के पार्ट 28% 18%
जरी का काम 12% 5%
स्टेशनरी का सामान 28% 18%
ज्यादा लेबर वाले सरकारी काम 18% 5%
मैंगो स्लाइस  12% 5%
दरी (कारपेट)  12% 5%
खाखरा 12% 5%
हाथ से बने धागों 18% 12%
ई-वेस्ट 28% 5%
एक करोड़ से ज्यादा टर्नओवर और एसी चार्ज वाले रेस्टोरेंट 18% 5%

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