1993 मुंबई ब्लास्ट केस फैसला :अबु सलेम और करीमुल्ला को उम्रकैद, ताहिर मर्चेंट और फिरोज को फांसी
12 मार्च 1993 को मुंबई में हुए सीरियल ब्लास्ट केस में गुरुवार को मुंबई की स्पेशल टाडा कोर्ट ने सजा का एलान कर दिया । इस केस में डॉन अबू सलेम समेत सभी 4 दोषियों को सजा सुनाई गई । मुंबई की टाडा कोर्ट ने दोषी अबु सलेम 25 साल की सजा सुनाई है । जबकि करीमुल्लाह को उम्रकैद की सजा सुनाई है । साथ ही अबु सलेम और करीमुल्लाह पर 2 लाख जुर्माना भी लगाया है । टाडा कोर्ट ने ताहिर मर्चेंट और फिरोज खान को फांसी की सजा सुनाई गई है । रियाज सिद्दीकी को 10 साल की सजा सुनाई गई है ।
16 जून 2017 को कोर्ट ने इस केस में अबू सलेम, मुस्तफा डोसा, करीमुल्लाह खान, फिरोज अब्दुल रशीद खान, रियाज सिद्दीकी और ताहिर मर्चेंट को दोषी करार दिया था। इनमें से मुस्तफा दौसा की 28 जून को हार्टअटैक से मौत हो गई थी।
इन पांच आरोपियों को सुनाई गई इतनी सजा :
अबू सलेम: जज ने अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम को उम्रकैद की सजा । 2 लाख का जुर्माना भी लगाया गया।सलेम सीरियल ब्लास्ट केस का मुख्य साजिशकर्ता है ।उसे धमाकों की साजिश, हथियार और विस्फोटक गुजरात से मुंबई लाने का दोषी पाया गया ।
करीमुल्लाह शेख: उम्र कैद की सजा। 2 लाख का जुर्माना भी लगाया गया । करीमुल्लाह को हथियार सप्लाई करने का दोषी माना गया ।
फिरोज खान: जज ने फांसी की सजा सुनाई ।हथियार और विस्फोटक लाने में मदद करने का दोषी पाया गया ।
मर्चेंट ताहिर: फांसी की सजा ।ताहिर को धमाकों के लिए पैसा जुटाने और आरोपियों को ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान भेजने के तहत दोषी माना गया ।
रियाज़ सिद्दीकी: 10 साल की सजा ।मुंबई ब्लास्ट साजिश को अंजाम देने में मदद पहुँचाने का दोषी माना गया ।
1993 Mumbai blasts case: TADA court sentences convict Abu Salem to life imprisonment pic.twitter.com/awaLBY9AWR
— ANI (@ANI) September 7, 2017
1993 Mumbai blasts case: TADA court sentences convict Feroz Khan to death
— ANI (@ANI) September 7, 2017
इसलिए सलेम को नहीं मिली फांसी
गैंगस्टर अबू सलेम को पुर्तगाल से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था। पुर्तगाल ने इसी शर्त पर अबु सलेम का प्रत्यार्पण किया था कि उसे फांसी की सजा ना दी जाए और अधिकतम 25 साल तक की ही सजा हो ।
1993 मुंबई बम ब्लास्ट
करीब 24 साल पहले 12 मार्च 1993 मुंबई में एक के बाद एक हुए 12 सिलसिलेवार बम धमाकों में 257 लोगों की मौत हो गई थी और 700 से अधिक लोग जख्मी हो गए थे। ये धमाके बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज, एयर इंडिया बिल्डिंग और ‘सी रॉक’ जैसे होटल सहित शहर की 12 जगहों पर हुए थे । इन धमाकों में 27 करोड़ रुपए की संपत्ति का नुकसान हुआ था। इस मामले में 129 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई थी। अभिनेता संजय दत्त भी ब्लास्ट कांड में जेल की सजा काट चुके हैं । मुंबई बम ब्लास्ट का मास्टर माइंड दाऊद इब्राहिम को माना जाता है ।
करीब 22 साल पुराने मामले का घटनाक्रम इस प्रकार है :
12 मार्च 1993 : एक के बाद एक हुए 12 बम धमाकों ने मुंबई को हिलाकर रख दिया । 257 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल ।
19 अप्रैल 1993: अभिनेता संजय दत्त (आरोपी संख्या-117) गिरफ्तार ।
04 नवंबर 1993: 10,000 पन्ने की दत्त समेत 189 लोगों के खिलाफ प्रार्थमिक चार्जशीट दायर की गई ।
19 नवंबर 1993 : मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपा गया ।
4 जुलाई 1994: संजय दत्त की जमानत रद्द, दोबारा हुई । इसके बाद संजय दत्त 18 महीने जेल में रहे।
10 अप्रैल 1995 : टाडा कोर्ट ने 26 आरोपियों को आरोप-मुक्त किया. बाकी आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दायर ।
19 अप्रैल 1995 : सुनवाई की शुरुआत ।
30 जून 1995 : दो आरोपी – मोहम्मद जमील और उस्मान झनकनन इस मामले में सरकारी गवाह बने ।
09 अगस्त 2001 : अभियोजन ने बहस की शुरुआत की ।
18 अक्तूबर 2001 : अभियोजन ने अपनी बहस पूरी की ।
09 नवंबर 2001 : बचाव पक्ष ने बहस की शुरुआत की ।
22 अगस्त 2002 : बचाव पक्ष ने अपनी बहस पूरी की ।
सितंबर 2003: मामले की सुनवाई समाप्त हुई। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा ।
13 जून 2006 : गैंगस्टर अबु सलेम की सुनवाई अलग से हुई ।
12 सितंबर 2006 : अदालत ने फैसला देना शुरू किया । मेमन परिवार के चार सदस्यों दोषी करार और तीन को बरी किया गया । 12 दोषियों को मौत की सजा सुनाई गई जबकि 20 को उम्रकैद की सजा सुनाई गई ।
नवंबर 1, 2011: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरु हुई ।
अगस्त 2012: सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा।
21 मार्च 2013: सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए संजय दत्त को 5 साल जेल की सजा सुनाई।कोर्ट ने टाइगर मेमन के भाई याकूब मेमन को सुनायी गयी मौत की सजा बरकरार रखी और 10 दोषियों की मौत की सजा उम्रकैद में बदल दी । 18 में से 16 दोषियों की उम्रकैद बरकरार रखी गई ।
May 2014: राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने याकूब मेमन की दया याचिका खारिज की।
30 जुलाई 2015 : सुबह 6:30 A.M याकूब मेमन को फांसी दे दी गई ।
16 जून 2017: कोर्ट ने इस केस में अबू सलेम, मुस्तफा डोसा, करीमुल्लाह खान, फिरोज अब्दुल रशीद खान, रियाज सिद्दीकी और ताहिर मर्चेंट को दोषी करार दिया था।
