निर्भया बलात्कार कांड के दोषियों की फांसी की सजा बरकरार रखने वाले दीपक मिश्रा ने ली मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ
जस्टिस मिश्रा ने निर्भया केस में दोषियों को मौत की सजा, याकूब मेनन को फांसी और सिनेमाघरों में राष्ट्रगान की अनिवार्यता जैसे कई ऐतिहासिक फैसले दिए हैं ।
जस्टिस मिश्रा ने निर्भया केस में दोषियों को मौत की सजा, याकूब मेनन को फांसी और सिनेमाघरों में राष्ट्रगान की अनिवार्यता जैसे कई ऐतिहासिक फैसले दिए हैं ।
जस्टिस दीपक मिश्रा ने आज भारत के 45वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ग्रहण की। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में एक सादे समारोह में न्यायमूर्त मिश्रा को पद की शपथ दिलाई । इस दौरान राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य गणमान्य अतिथि मौज़ूद थे ।63 वर्ष के जस्टिस दीपक मिश्रा का कार्यकाल लगभग 14 महीने का होगा जो कि साल 2018 के अक्टूबर में ख़त्म होगा । दीपक मिश्रा को चीफ जस्टिस जगदीश सिंह केहर का कार्यकाल पूरा होने के बाद यह जिम्मेदारी सौंपी गई है ।
प्रधानमंत्री मोदी ने दीपक मिश्रा को मुख्य न्यायाधीश बनाए जाने पर ट्वीट कर के कहा ,” भारत के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ लेने पर जस्टिस दीपक मिश्रा को बधाई देता हूं । मैं उनसे बेहतरीन कार्यकाल की कामना की करता हूं ।”
I congratulate Justice Dipak Misra on taking oath as the Chief Justice of India. I wish him the very best & a fruitful tenure.
— Narendra Modi (@narendramodi) August 28, 2017
दीपक मिश्रा की अगुवाई में लिए गए ये चर्चित फैसले
- देशभर के सिनेमाघरों में राष्ट्रगान अनिवार्य : 30 नवंबर, 2016 को जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच नेदेशभर के सिनेमाघरों में राष्ट्रगान के आदेश जारी किए थे।
- याकूब मेमन की फांसी रद्द करने की याचिका की खारिज़: दीपक मिश्रा 29 जुलाई 2015 में तीन जजों की उस बेंच के सदस्य थे जिसने रात भर चली सुनवाई के बाद सुबह 5 बजे 1993 के मुंबई बम धमाकों के दोषी याक़ूब मेमन की फांसी रद्द करने की याचिका खारिज़ की थी । इसके दो घंटों बाद याकूब को फांसी दे दी गई थी ।आजाद भारत में पहली बार सुप्रीम कोर्ट में रात भर सुनवाई चली थी ।
- प्रमोशन में आरक्षणपर रोक लगाई: उत्तर प्रदेश की मायावती सरकार के प्रोन्नति में आरक्षण लाने वाले बिल को रोकने वाले दो जजों की बेंच के एक सदस्य जस्टिस दीपक मिश्रा भी थे ।
- निर्भया काण्ड में तीनों दोषियों की फांसी की सजा बरकरार रखने का आदेश :चीफ जस्टिस मिश्रा दिल्ली के बहुचर्चित ‘निर्भया बलात्कार मामले’ के 3 दोषियों की फांसी की सजा पर मुहर लगाने वाली बेंच में भी शामिल थे ।
- एफआईआऱ 24 घंटे अंदर वेबसाइट पर अपलो़ड करें : जस्टिस मिश्रा ने पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के बाद उसे 24 घंटे के भीतर वेबसाइट पर अपलोड करने का भी आदेश दिया था ।



