सर्जिकल स्ट्राइक का प्लान 15 महीने बना, पर्रिकर का खुलासा
जैसा ऑपरेशन मणिपुर में हुए आतंकी हमला लेने के लिए किया गया, क्या वैसा ही सर्जिकल स्ट्राइक पाकिस्तान में होगा?
जैसा ऑपरेशन मणिपुर में हुए आतंकी हमला लेने के लिए किया गया, क्या वैसा ही सर्जिकल स्ट्राइक पाकिस्तान में होगा?
मनोहर पर्रिकर अब गोवा के मुख्यमंत्री हैं, लेकिन पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में उनसे सटीक कोई और नहीं बता सकता। जब सितंबर में पीओके में घुसकर भारत की आर्मी के जवानों ने आतंकवादियों के कैंप उड़ाए उस वक्त पर्रिकर देश के रक्षा मंत्री थी। पर्रिकर ने गोवा में कई अहम राज़ खोले।
पर्रिकर ने कहा, पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक का प्लान 15 महीने पहले ही तैयार कर लिया गया था। पर्रिकर के बात मानें तो 9 जून 2015 को मणिपुर में आतंकी हमला हुआ था, इस हमले में आर्मी के 18 जवान शहीद हुए थे। दरअसल मोदी सरकार मीडिया के ताने और सवालों से परेशान हो गई थी। पर्रिकर ने टीवी चैनल के एक बहस का जिक्र किया। केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन राठौर आर्मी में रहे हैं, उनसे एक एंकर ने पूछा जैसा ऑपरेशन मणिपुर में हुए आतंकी हमला लेने के लिए किया गया, क्या वैसा ही सर्जिकल स्ट्राइक पाकिस्तान में होगा? लेकिन कोई नहीं जानता था कि सरकार पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक का प्लान बनाया जा रहा है। लेकिन सरकार ने वो कर दिया जो किसी ने सोचा नहीं थी। 28 और 29 सितंबर की रात आर्मी कमांडोज ने सर्जिकल स्ट्राइक की थी।
पर्रिकर ने म्यांमार बॉर्डर पर एक्शन के बारे में भी बताया। पर्रिकर ने बताया, 8 जून की सुबह म्यांमार बॉर्डर पर पहली सर्जिकल स्ट्राइक की। इसमें करीब 80 आतंकी मारे गए। लेकिन सिर्फ एक सैनिक को हल्की खरोंच आई।
म्यांमार एक्शन के बाद सरकार ने पीओके के प्लान को एक्शन में लाने का फैसला किया। डीआरडीओ स्वाती राडार के जरिए पाकिस्तानी आर्मी के हथियारों का पता लगाया गया। ये राडार पहली बार सर्जिकल स्ट्राइक में आजमाया गया।



