मोदी और मुसलमान नेताओं की मुलाकात की अंदर की बात
प्रधानमंत्री मोदी और मुस्लिम समाज के बीच एक घंटे लंबी मुलाकात के बड़े मायने निकाले जा रहे हैं । पिछले दस साल से मोदी की विरोध की राजनीति करने वाली करीब करीब सभी मुस्लिम नेता,विद्वान और धर्मगुरु मोदी से मिलकर खुश नज़र आ रहे हैं। मोदी से ये मुलाकात बीस मिनट की तय थी। लेकिन जब बाता शुरू हुई तो एक घंटे चली। 45 मिनट मुस्लिम नेता बोले और 15 मिनट में मोदी ने मुस्लिम नेताओं के मन में चल रहे द्वंद और दिमाग में उपजे भ्रम का जवाब दिया। तीन तलाक से लेकर बीफ तक पर खुलकर बात हुई। तीन तलाक पर प्रधानमंत्री ने कहा वो इसमें सरकारी दखल नहीं चाहते हैं, लेकिन मुस्लिम पर्सनल बोर्ड अगर अपना रुख खुद नहीं बदलता तो सरकार को दखल देना होगा। सुप्रीम कोर्ट में जल्द ही सुनवाई शुरू होने वाली है। गोरक्षा के नाम पर कहीं कही हुई गुंडागर्दी को लेकर भी प्रधानमंत्री ने जवाब दिया। मोदी विरोध की राजनीति करने वाले सांसद बदरुद्दीन अजमल हों या जमात के लीडर महमूद मदनी, दोनों मोदी की बात सुनकर खुश हो गए। मोदी ने उनसे कहा गाय की रक्षा के नाम पर अंगर गुंडागर्दी हुई तो किसी को नहीं बख्शा जाएगा। मुस्लिम नेता जब मोदी से मिलने गए थे तनाव में दिख रहे थे, लेकिन बाहर आकर उन्होंने मुस्कुराकर बात की। लगता है ऐसी कुछ और मुलाकात फिज़ा बदल सकती है।



