पाकिस्तान हाईकमीशन में बैठे हैं ISI के अफसर, ऐसे बनाते हैं जासूस।
दिल्ली के पाकिस्तान हाईकमीशन में रहता है जासूसी का मास्टरमाइंड। दिल्ली में पाकिस्तान हाईकमीशन ISI एजेंट का अड्डा बन गया है । उत्तर प्रदेश की एसटीएफ ने जब ISI एजेंट को पकड़ा तो उसके तार दिल्ली के पाकिस्तानी उच्चायोग से जुड़े। उत्तर प्रदेश पुलिस के एडीजी आदित्य मिश्रा ने बताया कि यूपी से पकड़े गए आईएसआई एजेंट की भर्ती पाकिस्तानी हाईकमीशन के अफसर मेहरबान अली ने की थी। पैसे का लालच देकर उसे फैजाबाद और लखनऊ के करीब बने आर्मी के अड्डे और आर्मी की टुकड़ी के हलचल की खबर ISI एजेंट पाकिस्तानी दूतावास में बैठे अपने हैंडलर को पहुंचाता था। पिछले साल मेहरबान अली पर भारत सरकार को शक हुआ तो उसे वापस भेज दिया गया। लेकिन उसकी जगह पाकिस्तान ने ISI के दूसरे अफसर को भेजा और अब वो अफसर ISI एजेंट बनाने का काम कर रहा है। इस साजिश का खुलासा नहीं चलता अगर ISI इन एजेंट को हर महीने तनख्वाह नहीं देती। हर महीने आफताब अली को ISI पैसे पहुंचाती थी। महाराष्ट्र एटीएस और यूपी पुलिस ने मिलकर अलताफ कुरैशी को पकड़ा। अलताफ कुरैशी ने ही आफताब अली के खाते में पैसे डाले थे। जावेद को भी पकड़ा गया। जावेद हवाला के जरिए ISI की तरफ से भेजे गए पैसे एजेंट तक पहुंचाता था। फैजाबाद से पकड़े गए आफताब अली के बारे में जब जांच हुई तो पता चला कि आफताब तीन साल पहले एक मई 2014 को पाकिस्तान गया था…आफताब पाकिस्तान में कराची के ग्रीन टाउन इलाके में रुका। इस इलाके में भी आफताब की नानी का घर है। आफताब पाकिस्तान में तीन महीने रहा और पाकिस्तान हाईकमीशन के अफसर मेहरबान अली के ऑर्डर पर कराची में ही आफताब को आईएसआई का एजेंट बनने की ट्रेनिंग मिली।



