You are here

क्या कश्मीर में आतंकवाद खत्म करने का ये ऑपरेशन सफल होगा?

हथियार को पकड़ लेने वाला वेपन लोकेटर रडार जिसे स्वाति नाम दिया गया है, वो सेना को मिल चुका है। सूत्रों से खबर मिली है कि शुरू शुरू में ऐसे दस रडार कश्मीर घाटी में लगाए जाएंगे।

बड़ी ख़बरें 

हथियार को पकड़ लेने वाला वेपन लोकेटर रडार जिसे स्वाति नाम दिया गया है, वो सेना को मिल चुका है। सूत्रों से खबर मिली है कि शुरू शुरू में ऐसे दस रडार कश्मीर घाटी में लगाए जाएंगे।

कश्मीर में आतंकवादियों के खात्मे के लिए एक बड़ा ऑपरेसन चलाने की तैयारी शुरू हो गई है। ये आर्मी, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस तीनों का साझा ऑपरेशन होगा । इस ऑपरेशन का खाका राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की देखरेख में तैयार किया गया है। बड़े ऑपरेशन के लिए कश्मीर को चार अलग अलग हिस्से बांटकर देखा गया है। घाटी में सक्रिय सभी आतंकवादियों की पहचान और उनके नाम जुटा लिए गए हैं। उनके बारे में सारी खबरें इकट्ठा की जा रही है। वो किस इलाके में रहते हैं, किस जंगल में छिपते हैं सब खबरें जुटाई जा रही है। इस वक्त कश्मीर घाटी में कितने कश्मीरी आतंकवादी हैं और कितने पाकिस्तानी आतंकवादी उसकी भी सूचना जमा की जा रही है।  सेना को एक बड़ा हथियार भी मिला है। हथियार को पकड़ लेने वाला वेपन लोकेटर रडार जिसे स्वाति नाम दिया गया है, वो सेना को मिल चुका है। सूत्रों से खबर मिली है कि शुरू शुरू में ऐसे दस  रडार कश्मीर घाटी में लगाए जाएंगे। ये रडार आतंकवादियों के पास मौजूद हथियारों की खबर पहले ही दे देगा, उसी आधार पर उनके खिलाफ ऑपरेशन की तैयारी की जाएगी। ये रडार पहले ही बता देगा की आतंकवादी के पास कितनी ताकत है, क्या वो एके 47 से हमला करेंगे और अगर एक 47 से हमला करेंगे तो कितनी एके 47 उनके पास है। साथी ही ‘स्वाति’ नाम का रडार ये भी बताएगा कि क्या आतंकवादियों के पास रॉकेट लांचर जैसे कोई बड़े हथियार हैं। अगर लांचर है तो फिर उसकी पोजिशन क्या है?  नियंत्रण रेखा के आसपास के इलाके में ही इस रडार का परीक्षण हो चुका है और ये अपने टेस्ट में अव्वल नंबर से पास हुआ।  पिछले 4 महीने में कश्मीर में 80 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए हैं, नियंत्रण रेखा पार करते ही करीब 30 आतंकवादियों को मार गिराया गया। खबर मिली है कि इस वक्त कश्मीर में करीब 300 आतंकवादी सक्रिय हैं। 100 से ज्यादा आतंकवादी नए हैं। और 80 आतंकवादी पाकिस्तानी हैं।  कश्मीर में बड़ा ऑपरेशन करने से पहले स्थानीय कश्मीरी लोगों की मदद ली जा रही है। धीरे-धीरे घाटी में माहौल बदल रहा है। अब स्थानीय लोग फौज का साथ दे रहे हैं। बच्चे स्कूल जाना शुरू कर चुके हैं। शहर और गांवों में दुकानें खुलने लगी है। स्थानीय लोगों से मिली खबर के आधार पर ही आतंकवादियों के अड्डे के बारे में पुख्ता सूचना जुटाई गई है। अब फाइनल ऑपरेशन के लिए सरकार इज़रायल से कुछ खास किस्म के हथियार खरीदनेवाली है। ऐसी हाईटेक राईफल खरीदी जाएंगी जो वजन में काफी हल्की होंगी. जिसका निशाना अचूक होगा और जिसका इस्तेमाल जंगल, नाले और बर्फ में भी हो सकता है।

Tagged :

Related posts

Leave a Comment