आंध्र को विशेष दर्जा न देने पर टीडीपी ने केंद्र की एनडीए सरकार से तोड़ा नाता
आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग पर अड़े चंद्रबाबू नायडू की तेलुगू देशम पार्टी ने बुधवार को केंद्र सरकार से अलग होने का फैसला कर लिया है। केंद्र सरकार में टीडीपी के दो मंत्री गुरुवार सुबह मंत्री पद से अपना इस्तीफा दे देंगे। टीडीपी के अशोक गजपति राजू केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हैं जबकि वाइ एस चौधरी विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं ।हालांकि टीडीपी ने अभी एनडीए से अलग होने का एलान नहीं किया है। फिलहाल पार्टी एनडीए का हिस्सा बनी रहेगी।
टीडीपी प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा ,” केंद्र सरकार ने जो वादा किया था, वह उसे पूरा नहीं कर रही है। हम लोग बजट के दिन से इस मामले को उठा रहे हैं। लेकिन केंद्र सरकार कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। हम लोगों ने चार साल तक धैर्य दिखाया। हमने केंद्र सरकार को हर तरीके से मनाने की कोशिश की। मुझे नहीं पता कि मेरी क्या गलती है। एक जिम्मेदार राजनेता होने के नाते मैंने अपने फैसले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अवगत कराने की कोशिश की थी, लेकिन वह उपलब्ध नहीं थे।“
The Centre has been taking one sided decisions and our patience has run out now. When the purpose of joining the union cabinet hasn’t been fulfilled, it’s best to resign now.
— N Chandrababu Naidu (@ncbn) March 7, 2018
I tried reaching out to the Prime Minister to inform him about our decision. But sadly, he was unavailable.
— N Chandrababu Naidu (@ncbn) March 7, 2018
I am not angry with anyone. This decision has been taken only to benefit the people of Andhra Pradesh.
— N Chandrababu Naidu (@ncbn) March 7, 2018
बता दें कि बुधवार शाम को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि सरकार आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा का नहीं दे सकती है। स्पेशल पैकेज देने के लिए तैयार है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि, “जब आंध्र प्रदेश का विभाजन हुआ था तब विशेष राज्य का दर्जा अस्तित्व में था लेकिन 14 वें वित्त आयोग की सिफारिशों के क्रियान्वयन के बाद इस तरह के दर्जे को संवैधानिक रूप से केवल पूर्वोत्तर व तीन पहाड़ी राज्यों तक सीमित कर दिया गया है। इसलिए उक्त उल्लेखित राज्यों के अलावा किसी अन्य राज्य को विशेष राज्य का दर्जा दिया जाना संवैधानिक रूप से संभव नहीं है।”



