भारत-न्यूज़ीलैंड सीरीज में ये बदलाव आपको हैरान कर सकते है!
28 सितंबर से लागू हुए इन नियमों में बल्ले की चौड़ाई से लेकर फील्डिंग प्रतिबंध भी शामिल है।
28 सितंबर से लागू हुए इन नियमों में बल्ले की चौड़ाई से लेकर फील्डिंग प्रतिबंध भी शामिल है।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला आज मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में हो रहा है।अगर आपको ICC ने नए नियमों के बारे में जानकारी नहीं है तो आपको मैच में अंपायर के कुछ निर्णय हैरान कर सकते है।क्रिकेट को और रोमांचक बनाने के लिए ICC ने नए नियम लागू कर दिए हैं।भारत-न्यूजीलैंड सीरीज से नए नियमों के अनुसार मुकाबले होंगे।
आप ICC ने नए नियमों के बारे नीचे पढ़ सकते है।
- ऐसे बच जाएगा रिव्यू:नए नियमों के अनुसार अगर LBW के लिए रेफरल अंपायर्स कॉल के रूप में वापस आता है तो टीम अपना रिव्यू नहीं गंवाएंगी।
- कैच आउट में हुआ ये बदलाव:अब बाउंड्री पर हवा में कैच पकड़ने वाले फील्डर को बाउंड्री के अदर ही रहकर कैच पकड़ना होगा, नहीं तो उसे बाउंड्री मानी जाएगी
- रनआउट और स्टंपिंग में ये बदलाव:अगर बल्लेबाज ने एक बार क्रीज छू ली है और वह स्टंप्स बिखरते समय हवा में भी है तो भी वह आउट नहीं माना जाएगा। पहले हवा में बल्ला रहने पर बल्लेबाज को आउट दे दिया जाता था। यही नियम स्टंपिंग में भी लागू होगा।
- बल्ले की साइज में भी बदलाव:बल्ले के आकार को लेकर भी नियम बनाए गए हैं। अब बैट की चौड़ाई 108mm, गहराई 67mm और एजेस 40mm से ज्यादा नहीं हो सकती।अंपायरों को बल्ले नापने के लिए नया गेज दिया जाएगा।
- अंपायर दे सकते है रेड कार्ड:आईसीसी ने अंपायरों को हिंसा सहित दुर्व्यवहार करने वाले खिलाड़ी को मैदान से बाहर भेजने का अधिकार भी दिया है। अंपायर पेनल्टी के रूप में विपक्षी टीम को 5 रन भी दे सकती हैं।
- फेक फील्डिंग पर पेनाल्टी:फील्डर से मिसफील्ड होने के बावजूद अगर वह गेंद को कलेक्ट करने का बहाना बनाता है और रन बचाने के लिए थ्रो फेंकने का इशारा करता है तो उस पर पेनाल्टी लगाई जाएगी। इस नियम का पहला शिकार होने वाले खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया के घरेलू टूर्नामेंट में खेल रहे लैबूसचेंज बने।
आप भी देखिए, कैसे इस नियम का पहला शिकार बने लैबूसचेंज



