भारत की उड़ान, अंतरिक्ष जाएगा इंसान
भारत के लिए ये जबरदस्त कामयाबी है क्योंकि इसे भारत के वैज्ञानिकों ने बनाया और किसी तरह की विदेशी मदद नहीं ली गई है।
भारत के लिए ये जबरदस्त कामयाबी है क्योंकि इसे भारत के वैज्ञानिकों ने बनाया और किसी तरह की विदेशी मदद नहीं ली गई है।
इसरो की 15 साल की मेहनत रंग लाई है। भारत की इस एजेंसी ने देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया। 200 हाथी के वजन वाले रॉकेट जीएसएलवी मार्क 3 को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में भेजा गया। GSLV मार्क 3 रॉकेट श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र से शाम 5 बजकर 28 मिनट पर लॉन्च किया गया। ये रॉकेट एक बड़े कम्युनिकेश सैटेलाइट सिस्टम को अंतरिक्ष में पहुंचाएगा। इससे भारत में इंटरनेट की स्पीड भी बढ़ेगी। मार्क 3 भारत का सबसे वजनी रॉकेट है। भारत के लिए ये जबरदस्त कामयाबी है क्योंकि इसे भारत के वैज्ञानिकों ने बनाया और किसी तरह की विदेशी मदद नहीं ली गई है। अबतक 2000 किलो से ज्यादा वजन के सैटेलाइट को भेजने के लिए विदेशी लॉन्चर वेहिकल की मदद ली जाती थी। लेकिन GSLV मार्क थ्री अपनी पहली उड़ान में 3136 किलोग्राम के सेटेलाइट को लेकर गया है।इस रॉकेट की कामयाबी से अब भविष्य में अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने में भारत का रास्ता साफ़ हो जाएगा ।



