गुजरात चुनाव से पहले सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की एक और कोशिश ,मुस्लिम घरों में लगे ‘क्रॉस’ के निशान का जानिए सच
गुजरात में जैसे -जैसे चुनाव प्रचार ज़ोर पकड़ता जा रहा है, वैसे -वैसे राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए नए हथकंडे भी अपनाए जाने लगे हैं।इस बार अहमदाबाद शहर के पाल्दी इलाके में मुस्लिम समुदाय के लोगों के घर के बाहर लाल रंग में क्रॉस का निशान लगा पाया गया है।इस घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई और सोसायटी के लोगों ने गुजरात चुनाव आयोग और पुलिस कमीश्नर को चिट्ठी लिख शिकायत दर्ज कराई है। निशानों पर हंगामा शुरू होने के बाद क्रॉस के निशान को मिटाने की कवायद शुरू हो गई थी।कुछ अपार्टमेंट्स के तो सिक्योरिटी गार्ड्स ने ही इन निशानों पर काला या सफेट पेंट लगा दिया। इन सोसायटियों में डिलाइट अपार्टमेंट, अमन कॉलोनी, नशेमैन अपार्टमेंट, टैगोर फ्लैट, आशियाना अपार्टमेंट और तक्षशिला कॉलोनी शामिल है।
जांच में हालांकि यह बात सामने आई कि ये निशान नगर निगमों के सफाईकर्मियों ने लगाए हैं। ये निशान इलाकों से कूड़ा उठाने के लिए गए थे । पुलिस ने साथ में यह भी स्पष्ट किया की ये निशान ना सिर्फ मुस्लिम सोसायटी बल्कि हिन्दू सोसायटी पर भी लगाये गए हैं।
क्रॉस के निशान ऐसे समय पर बनाए गए हैं, जब तीन दिन पहले ही इस इलाके में पोस्टर लगे थे जिसमें लिखा था, ‘पाल्दी को जुहापुरा बनने से बचाइए।’ बता दें, जुहापुरा भारत की सबसे बड़ी मुस्लिम बस्तियों में से एक है।

