अगर आप भविष्य में माता वैष्णो देवी जाने वाले है तो बदले हुए नियम को जानने के लिए पढ़ें ये खबर
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि माता वैष्णो देवी के मंदिर में अब एक दिन में सिर्फ 50 हजार श्रद्धालुओं को ही दर्शन करने की अनुमति दी जाए।यह आदेश सोमवार से ही लागू कर दिया जाएगा।एनजीटी ने कहा है कि अगर दर्शन करने के लिए 50 हजार से ज्यादा लोग होते हैं तो उन्हें अर्द्धकुंवारी या फिर कटरा पर ही रोक दिया जाए। ऐसी स्थिति में पर्ची अगले दिन की मिलेगी। इसलिए अगर आप माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जा रहे है तो बेहतर होगा की आप ऑन लाइन पर्ची लेना ना भूले। वैष्णों देवी के दरबार में 50 हजार लोगों की ही क्षमता है और इससे अधिक लोगों को वहां जाने की अनुमति देना खतरनाक हो सकता है।
आपको बता दें कि माता के दर्शन के लिए प्रत्येक श्रद्धालु को कटरा स्थित श्राइन बोर्ड कार्यालय से पर्ची कटवा कर ही यात्रा शुरू करनी होती है। इसके बाद यात्रियों को बाण-गंगा के रास्ते 14 किलोमीटर की यात्रा शुरू करनी होती है।
एनजीटी ने अपने फैसले में मंदिर के आसपास किसी भी तरह के निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है। यह फैसला बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए लिया गया है। इसके साथ ही एनजीटी ने प्रशासन को आदेश दिया है कि यदि कोई भी व्यक्ति कटरा में गंदगी करता पाया जाता है तो उस पर 2000 रुपये का जुर्माना लगाया जाए। इसलिए अगर आपको अपनी जेब ढीली नहीं करनी है तो कटरा के आस पास गलती से भी सड़कों और बस स्टॉप पर थूकने से बचें।
अगर आपके बुजुर्ग माता पिता, माता के दर्शन के लिए कठिन चढाई करने में असमर्थ है तो आपके लिए एक खुशखबरी है।वैष्णो देवी में पैदल चलने वालों और बैटरी से चलने वाली कारों के लिए एक विशेष रास्ता 24 नवंबर से खुलेगा। इस रास्ते पर आपके माता-पिता आराम से बैटरी कार के जरिए अपनी यात्रा कर सकते हैं। एनजीटी ने यह निर्देश भी दिया है कि प्रदूषण और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले खतरे को देखते हुए मंदिर तक पहुंचने वाले इस नए रास्ते पर घोड़ों और खच्चरों को नहीं ले जाया जाए इतना ही नहीं इन पशुओं को धीरे-धीरे पुराने रास्ते से भी हटाया जाएगा।
