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अमित शाह की गवाही जो गुजरात दंगे के केस में ‘माया’ को बचा सकती है

गुजरात के नरोदा गाम दंगा केस में वीवीआईपी गवाह भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने स्पेशल कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराया।इस केस में मुख्य आरोपी और पूर्व मंत्री माया कोडनानी की अपील पर कोर्ट ने शाह को समन जारी किया था। शाह बचाव पक्ष की तरफ से गवाही देने पहुंचे थे।अमित शाह ने कोर्ट को बताया कि कोडनानी नरोदा गाम में मौजूद नहीं थीं। सुबह 8.30 बजे विधानसभा में दिखीं थीं। मैं 9.30 से 9.45 बजे तक सिविल हॉस्पिटल में था, जहां मेरी मुलाकात कोडनानी से हुई। हॉस्पिटल से निकलते वक्त लोगों से घिर गया था। करीब 11.15 बजे पुलिस ने मुझे और कोडनानी को अपनी जीप से सरकारी गाड़ियों तक छोड़ा।
27 फरवरी 2002 को हुए गोधरा कांड के अगले दिन नरोदा गाम में हिंसा में 11 लोगों की मौत हुई थी। कोडनानी समेत 80 लोगों पर दंगे भड़काने का आरोप लगा। तीन हफ्ते पहले सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी कोर्ट से नरोदा गाम केस की सुनवाई चार महीने में पूरा करने का ऑर्डर दिया था।
माया कोडनानी उस वक्त की गुजरात सरकार में महिला और बाल विकास मंत्री थीं। नरोदा गाम में हुई 11 लोगों की मौत के मामले वे मुख्य आरोपी हैं। 2009 में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। कोडनानी का दावा था कि 28 फरवरी, 2002 को वह अमित शाह के साथ मौजूद थीं। इसलिए अमित शाह को कोर्ट में बुलाया गया। शाह का नाम बचाव पक्ष की ओर से दिए गए 14 गवाहों में शामिल है।

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