ममता राज में ना अमित शाह को जगह ना मोहन भागवत को
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लग रहा है कि संघ और बीजेपी जितनी मजबूत होगी उनकी सियासी जमीन उतनी ही तेजी से खिसक जाएगी ।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लग रहा है कि संघ और बीजेपी जितनी मजबूत होगी उनकी सियासी जमीन उतनी ही तेजी से खिसक जाएगी ।
पश्चिम बंगाल में एक बार फिर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा के बीच झगड़ा बढ़ गया है । पहले ममता ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम पर रोक लगा दी थी। अब भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को भी कार्यक्रम के लिए जगह नहीं मिली। अमित शाह 10 सितंबर से 12 सितंबर तक कोलकाता में होंगे। भाजपा नेताजी इनडोर स्टेडियम में एक सेमीनार आयोजित करना चाहती थी। लेकिन ममता सरकार ने इजाजत नहीं दी।
मोहन भागवत का कार्यक्रम 3 अक्टूबर को कोलकाता के महाजाति सदन में होने वाला था। लेकिन महाजाति सदन के ट्रस्टी बोर्ड ने सिस्टर निवेदिता मिशन ट्रस्ट को मिले कार्यक्रम की इजाजत को रद्द कर दिया। मोहन भागवत सिस्टर निवेदिता के मंच से ही संबोधन करने वाले थे। पता चला है कि सिस्टर निवेदिता ट्रस्ट ने मई महीने में ही अर्जी दे दी थी और उन्हें इजाजत मिल चुकी थी। लेकिन अब महाजाति सदन में मरम्मत के नाम पर परमिशन कैंसिल कर दी गई।महाजाति सदन बंगाल सरकार के अंतर्गत आता है।
इससे पहले 2014 में विश्व हिंदू परिषद की रैली के लिए परेड ग्राउंड में इजाजात नहीं दी गई थी। वहां भी मोहन भागवत को बोलना था। अब भाजपा दोनों ही मामलों में अदालत का दरवाजा खटखटा सकती है।लेकिन हाईकोर्ट ने वीएचपी को इजाजात दे दी थी।



