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भारत खरीदेगा दुनिया की सबसे ताकतवर सबमरीन, 6 देश मिलकर बनाएंगे

चीन की तुलना में अपनी ताकत बढ़ाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। इंडियन नेवी की ताकत को बढ़ाने के लिए जाने के लिए भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। वो प्रोजेक्ट दोबारा शुरू हुआ है जिसके तहत भारत दुनिया की सबसे आधुनिक सबमरीन का मालिक होगा। इस सबसे बड़ी डिफेंस डील पर बात चल रही है। ये ऐसी सबमरीन होगी जिसे छह देश रूस, फ्रांस, जर्मनी, जापान, स्वीडन और स्पेन मिलकर बनाएंगे।
भारत ने इस मेगा प्रोजेक्ट को पोजेक्ट 75 इंडिया (पी-75आई) नाम दिया है। इसे मदर ऑफ ऑल अंडरवॉटर डील्स कहा गया है। ये डील अपने निर्धारित समय से करीब दस साल पीछे है। रिपोर्ट के अनुसार इन सबमरीन को बनाने में करीब 70 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। छह विदेशी कंपनियों फ्रांस की नेवल ग्रुप-डीसीएनएस, जर्मनी की थायस्सेक्रप मरीन सिस्टम, रूस की रोसोबोरोनएक्पोर्ट रूबिन डिजाइन, स्पेन की नवनसिया, स्वीडन की साब और जापान की मित्सुबिशी-कावासाकी हैवी इंडस्ट्रीज साथ आएंगे तब ये काम पूरा हो जाएगा।
अगर ये सबमरीन बनकर तैयार हुई तो चीन और पाकिस्तान इसके रेंज में होंगे। इंडियन नेवी के पास इस समय डीजल से चले वाली 18 सबमरीन है। छह न्यूक्लियर सबमरीन भी हमारी सेना की ताकत है। जरूरत है कि चार लंबी रेंज की न्यूक्लियर सबमरीन हमेशा नेवी के पास रहे। पिछले साल अरिहंत सबमरीन के शामिल होने के बाद भारत की ताकत में इजाफा हुआ।  अरिहंत एक बैलिस्टिक मिसाइल सबमरीन है जो करीब छह हजार टन वजन का है।
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