पाकिस्तानी आतंकवादी जवानों को ज़िंदा जलाकर मारना चाहते थे
पाकिस्तानी आतंकवादी कश्मीर के बांदीपोरा में सीआरपीएफ के जवानों को ज़िंदा जलाकर मारना चाहते थे। लेकिन सीआरपीएफ ने ऐसा करारा जवाब दिया की चारों फिदायीन मारे गए। सीआरपीएफ के एक भी जवान को खरोंच तक नहीं आई है। इस बार पाकिस्तान से आए लश्कर के आतंकवादी उड़ी जैसा हमला बांदीपोरा में करना चाहते थे। लेकिन चौकस सीआरपीएफ ने आतंकवादियों के मंसूबे पर पानी फेर दिया।
ये वही बटालियन जिसके कमांडेंट चेतन चीता थे। चेतन चीता आतंकवादियों से लड़ते रहे, नौ गोलियां खाई लेकिन हिम्मत से सामना किया। अस्पताल में इलाज़ के बाद चेतन चीता आज भी ज़िंदा हैं और देश के जवानों के लिए पराक्रम का मिसाल हैं। चीता के बटालियन ने ऑपरेशन खत्म करने के बाद कहा, ये चीता पर हुए हमले का बदला है। आतंकवादियों को ट्रेनिंग देकर पाकिस्तान ने भेजा था। अब आतंकवादी आमने सामने की लड़ाई नहीं करते हैं। आतंकवादी सेना या सीआरपीएफ कैंप में आग लगाने के लिए अपने साथ पेट्रोल बम लेकर आते हैं। इसी प्लान के साथ आतंकवादी घुसे लेकिन सतर्क जवानों ने वक्त रहते उनका सफाया कर दिया।
पिछले साल 18 सितंबर को आतंकियों ने उड़ी में सेना के कैंप पर हमला किया था। इस हमले में 19 जवान शहीद हो गए थे। 14 जवानों की गोली से नहीं, आग लगने से हुई थी। इस बार भी आतंकवदी उसी मंसूबे को पालकर अंदर आए थे। वो अंदर घुसकर हथियार घर में आग लगाना चाहते थे। आतंकवादियों ने घुसते ही गोलियां चलाई और अंदर की तरफ भागे। आतंकवादियों ने ग्रेनेड फेंके। रॉकेट लॉन्चर चलाए। लेकिन ढाई घंटे लंबे मुकाबले में मारे गए।



