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कुछ इस तरह भारत की इंटरनेशनल जीत हुई और पाकिस्तान की इंटरनेशनल हार

पाकिस्तान ने लंदन से जिरह करने के लिए वकील बुलाए थे।उस वकील को जिरह के लिए एक घंटे का वक्त मिला था, लेकिन पाकिस्तान के पास इतने सबूत भी नहीं थे कि उनका वकील एक घंटे बोल पाता । इसलिए वो आधे घंटे बोलने के बाद बैठ गया।

How India defeated Pakistan by argumnets at ICJ आज की रिपोर्ट 

पाकिस्तान ने लंदन से जिरह करने के लिए वकील बुलाए थे।उस वकील को जिरह के लिए एक घंटे का वक्त मिला था, लेकिन पाकिस्तान के पास इतने सबूत भी नहीं थे कि उनका वकील एक घंटे बोल पाता । इसलिए वो आधे घंटे बोलने के बाद बैठ गया।

भारत ने कहा:
कुलभूषण जाधव की फांसी पर फौरन रोक लगाई जाए ।
इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस:
कुलभूषण की मौत की सजा पर फिलहाल रोक लगा दी गई है
भारत ने कहा:
पाकिस्तान ने जो किया वो वियेना कन्वेंशन का उल्लंघन है। ये मानवाधिकार का भी उल्लंघन माना जाए और पाकिस्तान के मिलिट्री कोर्ट के फैसले पर रोक लगाई जाए। भारत ने इसके लिए लिए वियेना कन्वेंसन के आरर्टिकल 36 और इंटरनेशनल सिविल राइट्स के आर्टिकल 14 का हवाला दिया।
इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस :
भारत ने जो आरोप पाकिस्तान पर लगाए हैं वो वियेना कन्वेंशन आर्टिकल 36 के तहत आते हैं। ये गारंटी है कि भारत अपने देश के नागरिक की सुरक्षा और उससे बात करने के लिए दूसरे देश को कह सकता है। पाकिस्तान को इस मामले में भारत को काउंसलर एक्सेस देना चाहिए। ये वियेना कन्वेंशन के दायरे में आता है।
भारत ने कहा :
पाकिस्तान को मिलिट्री कोर्ट के दिए आदेश को रोकना चाहिए। मिलिट्री कोर्ट के फैसले को रोककर पाकिस्तान की अदालत में सुनवाई होनी चाहिए।
इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस:
संयुक्त राष्ट्र की अदालत पाकिस्तान से ये कहती है कि जब तक इस मामले में आखिरी फैसला नहीं आता है तब तक मौत की सजा नहीं दी जा सकती।
भारत ने कहा:
अगर पाकिस्तान मिलिट्री कोर्ट के फैसले को रद्द नहीं करता है तो इंटरनेशनल कोर्ट इस फैसले को गैरकानूनी बताए और वियेना कन्वेंशन के हिसाब से पाकिस्तान को मजबूर किया जाए।
इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस:
पाकिस्तान को बताना होगा कि इस कोर्ट के फैसले को लागू करने के लिए क्या किया जा रहा है।
पाकिस्तान में खबर फैली है कि लंदन से पाकिस्तान ने जिरह करने के लिए वकील बुलाए थे। उस वकील को पांच करोड़ रुपए भी दिए गए। फिर भी पाकिस्तान हार गया। उस वकील को जिरह के लिए एक घंटे का वक्त मिला था, लेकिन पाकिस्तान के पास इतने सबूत भी नहीं थे कि उनका वकील एक घंटे बोल पाता । इसलिए वो आधे घंटे बोलने के बाद बैठ गया। अब पाकिस्तान को समझ लेना चाहिए कि सच भारत के साथ है और झूठ के पांव नहीं होते। वो झूठ के सहारे भारत से नहीं जीत सकता।
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