एक फैसला जिससे केजरीवाल की सरकार एक महीने में गिर सकती है
केजरीवाल की सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। केजरीवाल ने अब वो फैसला कर लिया है जिससे वो बहुत जल्दी मुख्यमंत्री से पूर्व मुख्यमंत्री बन सकते हैं।
केजरीवाल की सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। केजरीवाल ने अब वो फैसला कर लिया है जिससे वो बहुत जल्दी मुख्यमंत्री से पूर्व मुख्यमंत्री बन सकते हैं।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वही किया जिसकी चर्चा दिल्ली के सत्ता के गलियारों में थी। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास के करीबी माने जाने वाले मंत्री कपिल मिश्रा को अरविंद केजरीवाल ने अपनी कैबिनेट से हटा दिया । केजरीवाल के इस फैसले के बाद दिल्ली की सियासत में नया भूचाल आने वाला है। पीएसी की बैठक में कुमार विश्वास से तात्कालिक समझौता हो गया था। केजरीवाल की पार्टी में कुमार विश्वास को राजस्थान का इंचार्ज बना दिया गया और अमानतुल्लाह को पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। अब कपिल मिश्रा को कैबिनेट से हटाकर केजरीवाल ने कुमार विश्वास को एक और मौका दे दिया है। कुमार विश्वास के अलावा कपिल मिश्रा भी बागी हो गए हैं। उन्होंने टैंकर घोटाले की फाइल खोल दी है। कपिल मिश्रा का दावा है कि उन्होंने केजरीवाल को टैंकर घोटाले में शामिल कुछ बड़े नेताओं के नाम बताए थे उसी के बाद उन्हें कैबिनेट से हटाया गया। केजरीवाल पहले सिर्फ एक कुमार विश्वास को मनाने में जुटे थे अब उ्नहें कपिल मिश्रा का भी सामना करना पड़ेगा। कपिल मिश्रा कुछ ऐसे खुलासे कर सकते हैं जो केजरीवाल सरकार से जुड़े होंगे क्योंकि कपिल लंबे वक्त तक केजरीवाल सरकार में मंत्री रहे हैं। लगता है अरविंद केजरीवाल की पार्टी में अगले कुछ हफ्ते तक हंगामा चलता रहेगा। केजरीवाल ने अपनी पार्टी को संभालने के लिए अपने दो वफादार नेताओं को मंत्री बना दिया है। सीमापुरी से विधायक राजेंद्र पाल गौतम और नज़फगढ़ के विधायक कैलाश गहलोत को कैबिनेट में जगह दी गई है। अब कपिल मिश्रा अरविंद केजरीवाल की सरकार के बारे में बड़ा खुलासा करने वाले हैं। उनके निशाने पर सीधे केजरीवाल होंगे। कपिल मिश्रा ने कहना शुरू कर दिया है कि उन्हें हटाने का फैसला केजरीवाल ने लिया, पीएसी से पूछा तक नहीं गया।
अब केजरीवाल के खिलाफ कुमार विश्वास और कपिल मिश्रा दो नेताओं की जोड़ी बन गई है। इनके पीछे 15 विधायक और हैं। अदंर की खबर ये है कि केजरीवाल की सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। केजरीवाल ने अब वो फैसला कर लिया है जिससे वो बहुत जल्दी मुख्यमंत्री से पूर्व मुख्यमंत्री बन सकते हैं। उनकी सरकार पर खतरा मंडराने लगा है।



