आर्मी की जांच में खुलासा, आतंकवादी को तनख्वाह मिलती है
पत्थरबाजों की आड़ में कश्मीर घाटी में कम से कम 500 आतंकवादी सक्रिय हैं। इनमें से 400 आतंकवादी दक्षिण कश्मीर में मौजूद हैं।
पत्थरबाजों की आड़ में कश्मीर घाटी में कम से कम 500 आतंकवादी सक्रिय हैं। इनमें से 400 आतंकवादी दक्षिण कश्मीर में मौजूद हैं।
कश्मीर में पत्थर के ‘शूल’ गुल खिला रहे हैं। कश्मीर में पत्थर ही सबसे बड़ी मुसीबत हैं, सेना के लिए भी और कश्मीरियों के लिए भी । आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत की चेतावनी के बाद फिर वही हुआ जिसका अंदेशा था। कुलगाम में पत्थरबाजों की आड़ में आतंकवादियों ने फिर पनाह ली। सेना मुख्यालय में सौंपी गई रिपोर्ट बेहद चौंकानेवाली है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पत्थरबाजों की आड़ में कश्मीर घाटी में कम से कम 500 आतंकवादी सक्रिय हैं। इनमें से 400 आतंकवादी दक्षिण कश्मीर में मौजूद हैं। 150 पाकिस्तानी आतंकवादी हैं और उनमें से 30 आतंकवादी बड़े हमले की साजिश रच रहे हैं। पिछले दो महीने में 90 आतंकवादियों की भर्ती की गई है। ये नए आतंकवादी पत्थरबाजों की आड़ में छिपकर पेट्रोल बम फेंकने की कोशिश करते हैं। एक और गौर करने वाली बात है। नोटबंदी के बाद आतंकवादियों की फंडिंग घटी है….पहले नए आतंकवादी की भर्ती के वक्त उसे 50 हजार रुपए दिए जाते थे…लेकिन अब 10 हजार से 25 हजार दिए जा रहे हैं…कुछ आतंकवादियों को 15 हजार रुपए महीने की तनख्वाह तक दी जाती है। इस वक्त कश्मीर में लश्कर ए तैयबा और हिजबुल के आतंकवादी सबसे ज्यादा सक्रिय हैं। एलओसी और बॉर्डर पर सख्ती के बाद पाकिस्तान से आने वाले आतंकवादियों की तादाद थोड़ी कम हुई है। लेकिन कश्मीर में पहले से मौजूद लश्कर और हिजबुल के पाकिस्तान कमांडर अब नए लड़कों को बहकाने में लगे हैं। उन्हें भड़काऊ वीडियो दिखाए जाते हैं। ब्रेन वॉश करने के बाद उन्हें पैसे का लालच भी दिया जाता है।



