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मोदी सरकार में मंत्री नहीं बनेंगे अरुण जेटली, वित्त मंत्री को लेकर इन नामों की है चर्चा

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बीजेपी के वरिष्ठ नेता और नरेंद्र मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वित्तमंत्री रहे अरुण जेटली ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर नई सरकार का हिस्सा नहीं बनाने का आग्रह किया है। अरुण जेटली ने चिट्ठी में स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है।

जेटली ने पत्र में लिखा है कि स्वास्थ्य वजहों से वो मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं बन पाएंगे। अरुण जेटली ने खत में लिखा,” पिछले 18 महीनों से मैं गंभीर बीमारी से पीड़ित हूं। चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद जब आप केदारनाथ जा रहे थे, तब मैंने आपको औपचारिक तौर पर कहा था कि स्वास्थ्य कारणों से मैं भविष्य में कोई भी जिम्मेदारी उठाने में असमर्थ रहूंगा। मुझे अपने इलाज और स्वास्थ्य पर ध्यान देना है। बीजेपी और एनडीए ने आपके नेतृत्व में शानदार जीत दर्ज की है।

मैं आपसे औपचारिक रूप से अनुरोध करने के लिए लिख रहा हूं कि मुझे अपने इलाज और स्वास्थ्य के लिए उचित समय चाहिए और इसलिए मैं नई सरकार में किसी भी जिम्मेदारी का हिस्सा नहीं बनना चाहता हूं। इसके बाद निश्चित तौर पर मेरे पास काफी समय होगा, जिसमें मैं अनौपचारिक रूप से सरकार या पार्टी में कोई भी सहयोग कर सकता हूं।”

उल्लेखनीय है कि इलाज के लिए अमरीका जाने की वजह से जेटली इस वर्ष मोदी सरकार का अंतिम बजट पेश नहीं कर पाए थे। इस साल एक फ़रवरी को मोदी सरकार का अंतिम बजट रेल मंत्री पीयूष गोयल ने पेश किया था।

 

 

अरुण जेटली के सरकार में नहीं शामिल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में ये सवाल दौड़ना शुरू हो गया है कि देश का अगला वित्त मंत्री कौन होगा।वित्त मंत्री को लेकर तीन नामों की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है।

 

अगला वित्त मंत्री बनने में पीयूष गोयल का नाम इसलिए आगे आ रहा है क्योंकि मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में जब अरुण जेटली की तबीयत खराब हुई थी तो रेल मंत्री पीयूष गोयल को वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। पीयूष गोयल ने ही मोदी सरकार का आखिरी बजट पेश किया था। ऐसे में उनका नाम इस रेस में सबसे आगे है।

अमित शाह को वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी दिए जाने को लेकर भी अटकलों का बाजार तेज है। दरअसल वित्त मंत्री के पद को सरकार में नंबर दो का पद माना जाता है। ऐसे में अगर अमित शाह सरकार का हिस्सा बनते हैं तो वह वित्त मंत्रालय या फिर गृह मंत्रालय ही संभाल सकते हैं।

तीसरा नाम जो चर्चा में बना हुआ है वह निर्मला सीतारमण का। फिलहाल उनके पास रक्षा मंत्रालय था, ऐसे में अगर इस बार उनका मंत्रालय बदला जाता है तो वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी उन्हें मिल सकती है।

 

नरेंद्र मोदी की पहचान अलग सोचने वाले राजनेताओ में होती है इसलिए अगर किसी बड़े अर्थशास्त्री को वित्त मंत्री के पद के लिए चुना जाएगा तो अचरज नहीं होगा।

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