क्यों बिहार की सियासत इन दिनों “धुम्रपान पड़ेगा महँगा” वीडियो की याद दिला रही है ?

जब सत्ता दल ऐसी करतूत करती है तो विपक्ष के पास उसे घेरने का अच्छा मौका होता है लेकिन जब विपक्ष की कुर्सी काबिल नहीं पारिवारिक लोगो से घिरी हो तो विपक्ष ऐसे मौके पर सेल्फ गोल कर लेती है।